jhabuacityonline पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है, आज हम जानेगे झाबुआ की सबसे खूबसूरत जगह के बारे में, जहा जाने पर आपका मन आनंद से भरपूर हो जायेगा, आज हम बात करेंगे हाथीपावा पहाड़ी(Hathipawa Jhabua) झाबुआ के बारे में |
हाथीपावा पहाड़ी(Hathipawa Jhabua) के बारे में :
हाथीपावा पहाड़ी नगर के पश्चिमी छोर पर स्थित विशाल पहाड़ी है, इसकी उचाई लगभग 400 फिट है तथा इसकी लम्बाई 2 km है | झाबुआ राजवाड़ा से National Flag हाथीपावा की दुरी 1.9 km है | (source: google map)
यहाँ आप सुखदेव विहार गार्डन रास्ते से या कैलाश मार्ग से जा सकते है |
हाथीपावा (jhabua hathi pawa) पहाड़ी के द्रश्य
National Flag हाथीपावा :

हाथीपावा (jhabua hathi pawa) पहाड़ी पहुंचने पर यहाँ सबसे पहले हमे National Flag हाथीपावा जगह पर पहुंचते है यहाँ पर खम्बे की लम्बाई 100 फिट है जिस पर 600 वर्ग फुट का झंडा फहराया जाता है | 15 अगस्त 2018 को जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने हाथीपावा पहाड़ी पर मध्यप्रदेश का तीसरा सबसे ऊँचा 100 फिट का तिरंगा झंडा फहराया, जिसे 4 km दूर से देखा जा सकता है | खम्बे पर 4 हाई मास्ट लाइट लगाई गई है ताकि रात में भी तिरंगा झंडा दिखाई दे |
यहाँ से झाबुआ शहर का अधभुत दृश्य देखने को मिलता है, यहाँ से आप सम्पूर्ण झाबुआ को एक नजर से देख सकते हो | वाकई में यह बहुत खास है |

यहाँ कुछ छोटे गुम्बदनुमा मंदिर बने हुए है, तथा पास में पथरो की नींव डली हुए है | ऐसा कहा जाता है की झाबुआ का राजा यहाँ महल बना रहा था जिस से वह आसानी से अपने राज्य की रक्षा कर सके | लेकिन कुछ कारण वश वह यह महल नहीं बना सका |
अब यहाँ से आगे बढ़ने पर प्राकर्तिक वादियों के दर्शन होते है चारो तरफ हरयाली, पक्षियों की चहचहाट, मोरो की मधुर आवाज, तेज सरसराहट हवांए मन को ताजगी से भर देती है |
थोड़ा आगे बढ़ने पर हमे दो रस्ते मिलते है दाई और का रास्ता उषा ध्यान केंद्र तथा बाई और का रास्ता सनसेट पॉइंट की और जाता है।
सनसेट पॉइंट (Sunset Point)

यहाँ पहुंचने पर हमे बहुत ही खुबसुरत दर्श्य देखने को मिलते है दूर तक देखने पर अनन्त तक नजरे हरी भरी वादियों तक चली जाती है पहाड़ी से निचे के गांव बहुत ही छोटे दिखाई पड़ते है |

आस – पास कुर्सी लगी हुए है जहा आप बैठ कर सुन्दर दर्शयो का आनंद ले सकते है, बचो के खेलने लिए झूले चकरी लगी है |
उषा ध्यान केंद्र (Usha Dhyan Kendra)

यहाँ ध्यान स्थल का भी निर्माण किया गया है ताकि लोग ध्यान कर अपने मन को शांति से भर सके | यहाँ पर आस – पास घने वृक्ष लगे हुए है बहुत ही शांत वातावरण है | यहाँ से आप झाबुआ हवाई पट्टी को भी देख सकते है |
श्रेय : इस आईपीएस के जूनून ने बंजर भूमि भी हरी-भरी कर दी

जोश और जूनून हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है ऐसा ही काम झाबुआ के एस पी महेश चंद जैन 2016 के अंत में झाबुआ में पदस्त हुए तो उन्होंने देखा की पास में स्थित पहाड़ी बंजर पड़ी हुए है | शुरुआत से ही प्रकृति प्रेमी रहे जैन ने पहाड़ी को हरा भरा करने का संकल्प लिया | उसने आस-पास के लोगो को जब संकल्प बताया तो लोगो ने यह कहकर मना कर दिया की इस से पहले भी कई प्रयास किए जा चुके है लेकिन सभी असफल हुए | यहाँ पर भारत के पूर्व राष्ट्रीय पति स्वर्गीय डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और मुरारी बापू जैसे लोगो ने भी वृक्षा रोपण किया, पर भूमि वृक्षों के अनुकूल न होने कारण प्रयास असफल हुए | लेकिन जैन ने तो मन में ठान लिया था वह कहा मानने वाले थे |
पहाड़ी पर एस पी से लेकर सिपाही तक सभी ने चार – चार फिट के गड्डे खोदे और वहा की मिट्टी हटाकर पास ही के तालाब की मिट्टी लेकर उन गड्डो में डाली | इसी के बाद शुरू हुआ पहाड़ पर पौधे लगाने का सिलसिला जो अब तक चल रहा है | जैन की यह अभिनव पहल पुरे प्रदेश और देश के लिए एक अद्भुत अविश्वसनीय मिसाल बन गयी है |
हाथीपावा पहाड़ी के लाभ
वैसे तो हाथीपावा (jhabua hathi pawa) पहाड़ी के अनगिनत लाभ है, पेड़ लग जाने से जहा पक्षियों का रहने का स्थान तो हमे शुद्ध वायु मिल रही है | ये पेड़ शहर का छोटा तालाब, बहादुर सागर तालाब, मेहताज जी का तालाब साथ ही वाटर ग्राउंड लेवल भी बड़ा रहे है | पहाड़ी से पानी रिसने के कारण ये तालाब भर जाया करते थे |
आयोजन
हाथीपावा पहाड़ी पर हर वर्ष मकर सक्रांति पर पतंग महोत्सव का आयोजन किया जाता है जिसमे जिले भर के लोग स्थल पर पतंग बजी का लुफ्त उठाते है |
ईको टूरिज्म प्लेस (Eco Tourism Place)
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाथीपावा (jhabua hathi pawa)पहाड़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु इसे इको टूरिज्म के तहत मंजूरी प्रदान की गयी है जिससे की इस स्थल को जिले के एवं साथ ही प्रदेश के श्रेष्ठ पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सके | इको टूरिज्म की मंजूरी के साथ यह स्थल बहुत तेजी से विकसित होता दिखाई दे रहा है |